koshish

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Sunday, April 3, 2011

TREAT HO JAYE........

ओए,मैंने नया मोबाइल लिया है ... ज्यादा महंगा तो नहीं  है पर हां ठीक ठाक है ...
अरे वाह,,, फिर तो treat होनी चाहिए ... अबे कैसी treat कौन सा बहुत महंगा लिया है या अपनी मेहनत की कमाई से लिया है जो treat treat चिल्लाने लगे  ....     ये कोई बात नहीं  होती देनी तो पड़ेगी....  यार कुछ तो खिलाओ ........ हां तुम लोगो को तो बस बहाना चाहिए,फिर चाहे वो पेन की क्यों न लिया हो...,,, अच्छा  अब ज्यादा 3-5   मत करो चलो कैंटीन .............
                 ये वो पल होते है जो लगभग हर हर वो इन्सान जो student life जी चूका है,, उसकी लाइफ मे  हर तीसरे दिन आते है, treat तो जैसे आशीर्वाद की तरह है की बस बाटते चलो और लेना वाला दोनों हाथ फैलाये लेता चले....  और अगर देने वाला तैयारी के साथ आया है तब तो ठीक है वरना तो बस बैंड बजनी तय  है..... पर उन पालो की याद करके  एक हलकी सी मुस्कान भी आ ही जाती है ..... और इसी से जुडी है कुछ खट्टी और कुछ मीठी यादे ...  आइये उन  कुछ हसीन पलो पर नज़र डालते है ....  वैसे घटना तो बहुत है पर कुछ ऐसी होती है जो हमेशा के  लिए जहन मे बस जाती है.... बात है तब की जब हम bjmc 1st सेमेस्टर मे होंगे ... सबका नया नया कालेज  था नए दिन थे, दोस्ती की शुरुआत हो रही थी सबकी उस दौरान हम करीब 8 -९ लोग  थे जो की रोज़ क्लास होने के बाद कैंटीन का रुख कर देते थे .... वजह कुछ नहीं  होती थी फिर भी ,,,,रोज़ का नियम हो गया था एक के पीछे पड़ जाना और उसका खर्चा कर के ही मानना,,पर हमारा एक फ्रेंड हुआ करता था,,,, मतलब अबी भी है  पर अब उतना contact मे नहीं तो मतलब ऐसा था की हमलोग बरसे किसी पे भी,पर खर्चा  वो ही करता था.... और एक टाइम तो ऐसा आ गया की कैंटीन मे उसके 500-600 रुपये  उधार  हो गये थे,........ वो भी एक दिन हुआ करते थे पर अब वैसा कुछ नहीं है....... टाइम बदल गया है,और treat के मायने भी.....
   पर गाहे बगाहे treat हो ही जाती है.... पर वजह कुछ खास नहीं होती ,,और वक़्त की कमी भी होती है और साथ ही अनेकों परेशानिया भी होती है..........

5 comments:

  1. bt meri treat kahan hai ???????????

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  2. yaar wo din yaad karke meri to aankhen bhar aati hain...aur tumne phir se yaad dila di..khair hum dost aaj bhi TREAT ki demand har ek khushi pe karte hain, phir chahe naya joota ho ya naya kuch bhi....great written by u.

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  3. haaa yaar bhawna...... likhte time sab yaad aara tha bht.....

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